:
Breaking News

बिहार में राजस्व कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म होने के संकेत, मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने संवाद और विश्वास से समाधान का संदेश दिया

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार में 11 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मचारियों के बीच हड़ताल समाप्त होने के संकेत सामने आने लगे हैं। विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों पर मुख्य सचिव और विभाग के प्रधान सचिव के साथ बैठक हुई और इस दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। वहीं हड़ताली कर्मचारियों के संघ ने भी आपसी बैठक के बाद हड़ताल वापस लेने का संकेत दिया है। मंत्री विजय सिन्हा ने कर्मचारियों से कहा कि विभाग ने 31 मार्च तक परिमार्जन का जो लक्ष्य तय किया है, उसे पहले पूरा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कर्मचारी इस लक्ष्य को समय पर पूरा करते हैं तो सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल से समस्या का समाधान नहीं निकलता बल्कि स्थिति और बिगड़ती है। उनके अनुसार संवाद और विश्वास ही समाधान का मार्ग है। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि लगभग 8 महीने पहले मुख्य सचिव और प्रधान सचिव के साथ वार्ता हुई थी और लिखित आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन उसका पालन नहीं हुआ। मंत्री ने आश्वस्त किया कि सभी विषयों को सरकार देखेगी और जो मांगें उचित होंगी, उन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा की प्रमुख मांगों में वेतन ग्रेड पे को 1900 से बढ़ाकर 2800 करना, नवनियुक्त कर्मियों का गृह जिले में पदस्थापन, लंबित सेवा संपुष्टि, एसीपी-एमएसीपी का लाभ, रिक्त पदों पर वरीयता के आधार पर पदोन्नति, लैपटॉप और इंटरनेट जैसे आवश्यक संसाधन, अतिरिक्त कार्य का अतिरिक्त भुगतान, मुफ्त चिकित्सा सुविधा, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और राजस्व कर्मचारी नियमावली 2025 को निरस्त करना शामिल हैं। हड़ताल के कारण पूरे राज्य में दाखिल-खारिज, जाति, निवास, आय प्रमाणपत्र, परिमार्जन प्लस और ई-मापी जैसे जरूरी राजस्व कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे हैं। अंचल कार्यालयों में कर्मचारियों के कक्ष खाली पड़े और दूर-दराज के गांवों से आए लोग घंटों इंतजार के बाद बिना काम कराए लौट गए। मंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि राजस्व कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने कहा है कि वे आपस में बैठक कर हड़ताल वापस लेने को लेकर सरकार को सूचित करेंगे। इसके अलावा उन्होंने होली के बाद पूरे बिहार में जनकल्याण सुनवाई फिर से शुरू करने की भी बात कही। इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार सरकार और कर्मचारियों के बीच संवाद और सहयोग के माध्यम से हड़ताल का समाधान निकलेगा, जिससे राज्य के राजस्व कार्य फिर से सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगे और आम जनता को लंबित कार्यों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *